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नवरात्रि व्रत थाली: 9 दिनों के लिए 9 स्वादिष्ट और आसान फलाहारी रेसिपीज़

नवरात्रि व्रत थाली: 9 दिनों के लिए 9 स्वादिष्ट और आसान फलाहारी रेसिपीज़

जय माता दी! नवरात्रि का पवित्र त्योहार आते ही हमारे घरों में एक अलग ही ऊर्जा, उमंग और उत्साह देखने को मिलता है। इन नौ दिनों में माता रानी की आराधना के साथ-साथ व्रत (उपवास) रखने का भी विशेष महत्व है। व्रत के दौरान हमारे शरीर को डिटॉक्स करने का मौका मिलता है, बशर्ते हम सही और पौष्टिक आहार लें। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि इन नौ दिन की व्रत थाली में रोज नया और क्या बनाया जाए, जो स्वादिष्ट भी हो और सेहतमंद भी?

अगर आप भी हर साल यही सोचते हैं कि इस बार व्रत में क्या खास बनाएं, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज के इस लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं एक बेहतरीन गाइड, जिसमें आपको मिलेंगी फलाहारी रेसिपीज़ की पूरी फेहरिस्त। साथ ही, हम जानेंगे कि व्रत के खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें हमारी सेहत के लिए कितनी फायदेमंद हैं। तो चलिए, बिना देर किए शुरू करते हैं!

व्रत का खाना क्यों है सेहत के लिए फायदेमंद?

अक्सर लोगों को लगता है कि व्रत के दौरान खाने के विकल्प सीमित हो जाते हैं और शरीर में कमजोरी आ सकती है। लेकिन अगर आप पारंपरिक रूप से व्रत का खाना खाएं, तो यह किसी सुपरफूड डाइट से कम नहीं है। हमारी नवरात्रि व्रत थाली में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियां जैसे:

  • सेंधा नमक: यह सामान्य नमक की तरह प्रोसेस नहीं होता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • सिंघाड़े का आटा: यह ग्लूटेन-फ्री होता है, ऊर्जा से भरपूर होता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
  • मखाना: इसे फॉक्स नट भी कहते हैं। यह कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है, जो वजन नियंत्रित करने में मददगार है।
  • साबूदाना: यह आसानी से पचने वाला कार्बोहाइड्रेट है जो व्रत के दौरान तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।

नवरात्रि के 9 दिनों के लिए 9 स्वादिष्ट और आसान फलाहारी रेसिपीज़

आइए अब जानते हैं उन 9 खास नवरात्रि रेसिपी के बारे में, जिन्हें आप इन नौ दिनों में बारी-बारी से ट्राई कर सकती हैं:

1. दिन पहला: साबूदाना खिचड़ी

व्रत की शुरुआत करते हैं सबसे पसंदीदा और क्लासिक डिश के साथ। यह खाने में हल्की और स्वादिष्ट होती है।

  • सामग्री: साबूदाना (भीगा हुआ), उबला आलू, मूंगफली के दाने, हरी मिर्च, करी पत्ता, जीरा, नींबू का रस और सेंधा नमक।
  • बनाने की विधि (Step-by-step):
    1. साबूदाने को 4-5 घंटे पहले भिगोकर रख लें ताकि दाने खिले-खिले रहें।
    2. कढ़ाई में घी गरम करें और उसमें मूंगफली को भूनकर अलग निकाल लें।
    3. अब उसी घी में जीरा, हरी मिर्च और करी पत्ता डालें।
    4. कटे हुए उबले आलू डालकर 2 मिनट भूनें।
    5. भीगा हुआ साबूदाना, भुनी मूंगफली और सेंधा नमक मिलाएं।
    6. धीमी आंच पर 5 मिनट पकाएं, ऊपर से नींबू का रस और हरा धनिया डालकर गर्मागर्म परोसें।

2. दिन दूसरा: सिंघाड़े के आटे की पूरी और आलू की सूखी सब्जी

यह कॉम्बो आपकी नवरात्रि व्रत थाली की शान बढ़ा देता है।

  • सामग्री: सिंघाड़े का आटा, उबला हुआ आलू, सेंधा नमक, घी या मूंगफली का तेल।
  • बनाने की विधि:
    1. एक बर्तन में सिंघाड़े का आटा, मैश किया हुआ उबला आलू, सेंधा नमक और थोड़ा सा घी मिलाएं।
    2. बिना पानी के (या जरूरत पड़ने पर हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करके) सख्त आटा गूंथ लें।
    3. छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पूरी के आकार में बेल लें।
    4. कढ़ाई में घी गरम करें और पूरी को सुनहरा होने तक तल लें। इसे व्रत वाले आलू की सब्जी के साथ आंनद लें।

3. दिन तीसरा: मखाना खीर

कुछ मीठा हो जाए! नवरात्रि में मां को भोग लगाने और खुद खाने के लिए मखाने की खीर बेस्ट है।

  • सामग्री: मखाना, दूध, चीनी या गुड़, इलायची पाउडर, और ड्राई फ्रूट्स (बादाम, काजू, किशमिश)।
  • बनाने की विधि:
    1. एक पैन में एक चम्मच घी डालकर मखानों को कुरकुरा होने तक भून लें।
    2. थोड़े से मखानों को दरदरा पीस लें और बाकी को साबुत रहने दें।
    3. एक बर्तन में दूध उबालें, उसमें भुने हुए मखाने डालें और गाढ़ा होने तक पकाएं।
    4. चीनी, इलायची पाउडर और मनपसंद ड्राई फ्रूट्स मिलाएं। आपकी मखाना खीर तैयार है।

4. दिन चौथा: कुट्टू के आटे का चीला

अगर आप पूरी या तली हुई चीजें खाने से बचना चाहती हैं, तो कुट्टू का चीला एक हेल्दी विकल्प है।

  • सामग्री: कुट्टू का आटा, दही, बारीक कटा टमाटर और हरी मिर्च, सेंधा नमक, हरा धनिया।
  • बनाने की विधि:
    1. एक बाउल में कुट्टू का आटा और थोड़ा दही मिलाकर गाढ़ा घोल (batter) तैयार करें।
    2. इसमें सेंधा नमक, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाएं।
    3. तवे पर घी लगाएं, घोल को फैलाकर मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा सेक लें।

5. दिन पांचवां: आलू मखाने की रसीली सब्जी

यह सब्जी बहुत ही कम समय में बनती है और खाने में बेहद लजीज लगती है।

  • सामग्री: मखाना, उबले आलू, टमाटर प्यूरी, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, व्रत वाला मसाला और सेंधा नमक।
  • बनाने की विधि:
    1. मखानों को घी में हल्का भूनकर अलग रख लें।
    2. कढ़ाई में घी गरम करें, जीरा, अदरक और हरी मिर्च का छौंक लगाएं।
    3. टमाटर प्यूरी डालें और तेल छोड़ने तक पकाएं।
    4. मसाले और सेंधा नमक डालें, फिर कटे हुए उबले आलू और मखाने मिलाएं।
    5. आवश्यकतानुसार पानी डालकर 5 मिनट उबालें और धनिया पत्ती से सजाकर सर्व करें।

6. दिन छठा: सामक के चावल (बर्री) की खिचड़ी या पुलाव

सामक के चावल व्रत के दौरान चावल की कमी को पूरा करते हैं और पचने में बहुत आसान होते हैं।

  • सामग्री: सामक के चावल, जीरा, घी, उबला आलू, गाजर या लौकी (अगर व्रत में खाते हों), सेंधा नमक।
  • बनाने की विधि:
    1. सामक के चावलों को 15 मिनट के लिए भिगो दें।
    2. कुकर में घी गरम करें, जीरा और हरी मिर्च डालें।
    3. कटे हुए आलू और भीगे हुए सामक के चावल डालकर 1 मिनट भूनें।
    4. चावल की मात्रा से दोगुना पानी और सेंधा नमक डालकर एक सीटी आने तक पकाएं।

7. दिन सातवां: कच्चे केले के कोफ्ते

व्रत में कुछ रेस्टोरेंट जैसा खाने का मन हो, तो कच्चे केले के कोफ्ते जरूर बनाएं।

  • सामग्री: कच्चे केले (उबले और मैश किए हुए), सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक, हरी मिर्च, दही और टमाटर की ग्रेवी के लिए सामग्री।
  • बनाने की विधि:
    1. मैश किए हुए केले में सिंघाड़े का आटा, नमक और मिर्च मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां (कोफ्ते) बना लें।
    2. इन्हें गर्म घी में सुनहरा होने तक तल लें।
    3. टमाटर और दही की व्रत वाली ग्रेवी बनाएं और उसमें कोफ्तों को डुबोकर 2 मिनट उबालें।

8. दिन आठवां: फलाहारी मिक्स वेज रायता

यह आपकी थाली को ठंडक और बेहतरीन स्वाद देता है।

  • सामग्री: ताज़ा दही, उबला आलू, खीरा (व्रत में खाया जाता हो तो), भुना जीरा पाउडर, काली मिर्च पाउडर, अनार के दाने और सेंधा नमक।
  • बनाने की विधि:
    1. दही को अच्छी तरह फेंट लें।
    2. इसमें छोटे टुकड़ों में कटे उबले आलू और अनार के दाने मिलाएं।
    3. ऊपर से भुना जीरा पाउडर, काली मिर्च और सेंधा नमक डालकर ठंडा-ठंडा परोसें।

9. दिन नौवां: शकरकंद (स्वीट पोटैटो) की चाट

नवमी के दिन व्रत का समापन करने के लिए यह एक हेल्दी और एनर्जी से भरपूर रेसिपी है।

  • सामग्री: शकरकंद (उबले और कटे हुए), नींबू का रस, सेंधा नमक, चाट मसाला (व्रत वाला), और हरी चटनी।
  • बनाने की विधि:
    1. उबले हुए शकरकंद के छिलके उतारकर गोल या चौकोर टुकड़ों में काट लें।
    2. एक पैन में थोड़ा सा घी गरम करें और शकरकंद के टुकड़ों को दोनों तरफ से क्रिस्पी होने तक सेक लें।
    3. इसे एक बाउल में निकालें, ऊपर से नींबू का रस, सेंधा नमक और हरी चटनी डालकर मिला-जुला कर खाएं।

निष्कर्ष

तो दोस्तों, अब आपको पता चल गया होगा कि इन नौ दिनों में अपनी नवरात्रि व्रत थाली को कैसे स्वादिष्ट, रंग-बिरंगा और सेहतमंद बनाया जा सकता है। इन आसान फलाहारी रेसिपीज़ को अपनाकर आप न सिर्फ व्रत का पूरा आनंद ले पाएंगी, बल्कि अपने परिवार को भी कुछ नया और पौष्टिक खिला सकेंगी। व्रत के दौरान खूब सारा पानी पिएं, फलाहार लें और मां दुर्गा की भक्ति में लीन रहें।

आपको इनमें से कौन सी रेसिपी सबसे ज्यादा पसंद आई? हमें कमेंट करके जरूर बताएं और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ शेयर करना न भूलें। शुभ नवरात्रि!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q: नवरात्रि व्रत के दौरान कौन-कौन सी फलाहारी सामग्रियां सेहत के लिए फायदेमंद हैं?

व्रत के दौरान सेंधा नमक, सिंघाड़े का आटा, मखाना और साबूदाना जैसी सामग्रियां सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं जो ऊर्जा और पोषण देती हैं।

Q: सेंधा नमक का सेवन स्वास्थ्य के लिए क्यों अच्छा माना जाता है?

सेंधा नमक सामान्य नमक की तरह प्रोसेस नहीं होता है और यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने तथा पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।

Q: सिंघाड़े के आटे के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं?

सिंघाड़े का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है, ऊर्जा से भरपूर होता है और इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

Q: मखाना खाने से शरीर को क्या लाभ मिलता है?

मखाना कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है, जो वजन को नियंत्रित करने में मददगार होता है।

Q: साबूदाना व्रत में क्यों खाया जाता है?

साबूदाना आसानी से पचने वाला कार्बोहाइड्रेट है जो व्रत के दौरान शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।

Q: नवरात्रि के पहले दिन कौन सी रेसिपी बनाई जा सकती है?

नवरात्रि के पहले दिन आप क्लासिक और हल्की 'साबूदाना खिचड़ी' बना सकते हैं।

Q: साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए साबूदाने को कितनी देर भिगोना चाहिए?

खिले-खिले दाने पाने के लिए साबूदाने को 4-5 घंटे पहले भिगोकर रखना चाहिए।

Q: व्रत की थाली की शान बढ़ाने वाला दूसरा प्रमुख व्यंजन कौन सा है?

सिंघाड़े के आटे की पूरी और आलू की सूखी सब्जी का कॉम्बो व्रत की थाली की शान बढ़ाता है।

Q: सिंघाड़े के आटे की पूरी का आटा कैसे गूंथा जाता है?

सिंघाड़े के आटे में मैश किया हुआ उबला आलू, सेंधा नमक और थोड़ा सा घी मिलाकर, बिना पानी के (या जरूरत पड़ने पर हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करके) सख्त आटा गूंथा जाता है।

Q: क्या व्रत का खाना खाने से शरीर में कमजोरी आती है?

नहीं, यदि पारंपरिक रूप से पौष्टिक व्रत का खाना खाया जाए तो यह किसी सुपरफूड डाइट से कम नहीं होता और कमजोरी नहीं आती।

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प्रार्थना संपादकीय टीम

प्रार्थना संपादकीय टीम आपकी आध्यात्मिक यात्रा का समर्थन करने के लिए दैनिक आध्यात्मिक मार्गदर्शन, प्रामाणिक अनुष्ठान और प्राचीन सनातन शास्त्रों से गहरे अंतर्दृष्टि साझा करती है।

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