झटपट तैयार! एकादशी स्पेशल: पारंपरिक और नए फलाहारी पकवान
- by Praarthana Editorial Team
- Published: June 29, 2026
- Last updated: June 29, 2026
- 8 Mins

झटपट तैयार! एकादशी स्पेशल: पारंपरिक और नए फलाहारी पकवान
हर महीने आने वाली एकादशी तिथि हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। यह भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र दिन है, जब भक्त उनकी आराधना करते हैं और व्रत रखते हैं। एकादशी व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसके कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ भी हैं। इस दिन अन्न का त्याग कर फलाहार किया जाता है, जिससे शरीर को शुद्धि और शांति मिलती है।
क्या आप भी सोच रहे हैं कि एकादशी पर क्या खाएं जो स्वादिष्ट भी हो और झटपट तैयार भी हो जाए? तो चिंता की कोई बात नहीं! आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एकादशी फलाहारी पकवानों की एक विस्तृत सूची, जिसमें पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ कुछ आधुनिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प भी शामिल हैं। ये सभी पकवान न सिर्फ आपकी भूख मिटाएंगे, बल्कि आपके स्वाद कलिकाओं को भी तृप्त करेंगे।
एकादशी व्रत का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में दो एकादशी आती हैं - एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। इस प्रकार साल में कुल 24 एकादशियां होती हैं। प्रत्येक एकादशी का अपना एक विशिष्ट नाम और महत्व होता है, जैसे निर्जला एकादशी, देवशयनी एकादशी, मोक्षदा एकादशी आदि।
मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन सर्वोत्तम माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और सात्विक जीवन शैली अपनाने से मन शांत होता है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। यह एक प्रकार से आत्म-शुद्धि का पर्व है।
एकादशी व्रत के नियम और सावधानियां
एकादशी व्रत के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। इन नियमों का पालन करने से ही व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
क्या खाएं और क्या न खाएं?
- क्या न खाएं: एकादशी के दिन अनाज (गेहूं, चावल, मक्का), दालें (चना, अरहर, मूंग), प्याज, लहसुन, सामान्य नमक, मसाले, मांसाहारी भोजन और अंडे का सेवन बिल्कुल वर्जित है।
- क्या खाएं: इस दिन फल, सब्जियां (आलू, लौकी, कद्दू, पालक, टमाटर), दूध और दूध से बने उत्पाद (दही, पनीर, छाछ), सूखे मेवे (बादाम, अखरोट, काजू), साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, राजगिरे का आटा और सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है।
- पानी: आप जल का सेवन कर सकते हैं। यदि निर्जला एकादशी है, तो पानी भी वर्जित होता है।
पारण और अन्य बातें
- पारण: एकादशी का व्रत अगले दिन (द्वादशी तिथि) सूर्योदय के बाद ही खोला जाता है। पारण मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- स्वच्छता: व्रत के दिन शारीरिक और मानसिक स्वच्छता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
- सावधानियां: गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही व्रत करें या विशेषज्ञ की सलाह लें। वे फलाहार कर सकते हैं या व्रत को सरल बना सकते हैं।
फलाहारी पकवानों के स्वास्थ्य लाभ
एकादशी पर किए जाने वाले फलाहार केवल धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा नहीं, बल्कि ये हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं।
- शरीर की शुद्धि (Detoxification): अनाज से दूर रहने और फल-सब्जियों का सेवन करने से शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्ति मिलती है और पाचन तंत्र को आराम मिलता है।
- बेहतर पाचन: फलाहार में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करती है।
- ऊर्जा का संचार: फल और मेवे प्राकृतिक शर्करा और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और थकान महसूस नहीं होने देते।
- वजन नियंत्रण: हल्का और पौष्टिक फलाहार वजन को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है।
- मन की शांति: सात्विक भोजन और संयमित आहार से मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है।
अब जबकि हम एकादशी के महत्व और नियमों को समझ चुके हैं, तो आइए जानें कुछ स्वादिष्ट एकादशी फलाहारी पकवानों की विधियां।
झटपट तैयार! एकादशी स्पेशल: पारंपरिक फलाहारी पकवान
पारंपरिक एकादशी व्रत रेसिपी हमेशा से भक्तों की पहली पसंद रही हैं। ये सदियों से चली आ रही विधियों पर आधारित हैं और स्वाद में लाजवाब होती हैं।
1. आलू की स्वादिष्ट फलाहारी सब्जी
यह हर व्रत में बनाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय सब्जियों में से एक है। यह झटपट बन जाती है और पूड़ी या पराठे के साथ बहुत अच्छी लगती है।
सामग्री:
- उबले हुए आलू - 4-5 मध्यम आकार के
- हरी मिर्च - 2-3 (बारीक कटी हुई)
- अदरक - 1 इंच (कद्दूकस किया हुआ)
- घी - 2 बड़े चम्मच
- जीरा - 1 छोटा चम्मच
- सेंधा नमक - स्वादानुसार
- काली मिर्च पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- हरा धनिया - बारीक कटा हुआ (गार्निश के लिए)
- नींबू का रस - 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
बनाने की विधि:
- सबसे पहले उबले आलू को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें।
- एक कड़ाही में घी गरम करें। जीरा डालकर तड़कने दें।
- हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर कुछ सेकंड भूनें।
- अब कटे हुए आलू डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर 2-3 मिनट तक भूनें, जब तक कि आलू हल्के सुनहरे न हो जाएं।
- यदि आप थोड़ी ग्रेवी चाहते हैं, तो 1/4 कप पानी डाल सकते हैं।
- नींबू का रस डालकर मिलाएं और हरे धनिये से गार्निश करके गरमागरम परोसें।
2. साबूदाना खिचड़ी
यह पारंपरिक एकादशी पकवान हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला होता है।
सामग्री:
- साबूदाना - 1 कप
- मूंगफली - 1/2 कप (भुनी हुई और दरदरी पिसी हुई)
- आलू - 1 मध्यम आकार का (बारीक कटा हुआ)
- हरी मिर्च - 2-3 (बारीक कटी हुई)
- घी - 2 बड़े चम्मच
- जीरा - 1 छोटा चम्मच
- सेंधा नमक - स्वादानुसार
- नींबू का रस - 1 बड़ा चम्मच
- हरा धनिया - बारीक कटा हुआ
बनाने की विधि:
- साबूदाने को 4-5 घंटे या रात भर पानी में भिगो दें, जिससे वे नरम हो जाएं। पानी इतना हो कि साबूदाना बस डूबा रहे। भिगोने के बाद अतिरिक्त पानी निकाल दें।
- एक कड़ाही में घी गरम करें। जीरा डालकर तड़कने दें।
- कटे हुए आलू डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
- हरी मिर्च डालकर एक मिनट भूनें।
- अब भीगा हुआ साबूदाना और दरदरी पिसी मूंगफली डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- सेंधा नमक डालकर धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक पकाएं, बीच-बीच में चलाते रहें ताकि चिपके नहीं। साबूदाना पारदर्शी हो जाना चाहिए।
- गैस बंद कर दें और नींबू का रस व हरा धनिया डालकर मिलाएं। गरमागरम परोसें।
3. कुट्टू की पूड़ी और आलू की रसा
व्रत में पूड़ी खाने का मन हो तो कुट्टू की पूड़ी बेहतरीन विकल्प है। इसे आलू की रसा या दही के साथ खाया जा सकता है।
कुट्टू की पूड़ी के लिए सामग्री:
- कुट्टू का आटा - 1 कप
- उबले आलू - 2 मध्यम आकार के (कद्दूकस किए हुए)
- सेंधा नमक - स्वादानुसार
- पानी - आवश्यकतानुसार
- तेल/घी - तलने के लिए
बनाने की विधि:
- एक बड़े कटोरे में कुट्टू का आटा, कद्दूकस किए हुए आलू और सेंधा नमक मिलाएं।
- धीरे-धीरे पानी डालते हुए एक नरम आटा गूंथ लें। आटा थोड़ा चिपचिपा हो सकता है।
- आटे को 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
- हाथों पर थोड़ा तेल लगाकर आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं।
- चकले और बेलन पर थोड़ा तेल लगाकर पूड़ी बेल लें। आप इसे हाथ से भी दबाकर बना सकते हैं।
- एक कड़ाही में तेल/घी गरम करें और मध्यम आंच पर पूड़ियों को सुनहरा होने तक तल लें।
आलू की रसा (ग्रेवी वाली आलू की सब्जी) के लिए सामग्री:
- उबले आलू - 3 मध्यम आकार के
- टमाटर - 2 (बारीक कटे हुए)
- हरी मिर्च - 2 (कटी हुई)
- अदरक - 1 इंच (कद्दूकस किया हुआ)
- घी - 1 बड़ा चम्मच
- जीरा - 1 छोटा चम्मच
- सेंधा नमक - स्वादानुसार
- काली मिर्च पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- पानी - 1.5 - 2 कप
- हरा धनिया - गार्निश के लिए
बनाने की विधि:
- उबले आलू को हाथ से हल्का मैश कर लें।
- एक कड़ाही में घी गरम करें। जीरा डालकर तड़कने दें।
- हरी मिर्च और अदरक डालकर एक मिनट भूनें।
- अब कटे हुए टमाटर डालकर नरम होने तक पकाएं।
- मैश किए हुए आलू, सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- पानी डालकर उबाल आने दें। आंच धीमी करके 5-7 मिनट तक पकने दें ताकि ग्रेवी थोड़ी गाढ़ी हो जाए।
- हरे धनिये से गार्निश करके गरमागरम कुट्टू की पूड़ी के साथ परोसें।
4. सिंघाड़े के आटे का हलवा
व्रत के लिए यह मीठा पकवान एक बेहतरीन विकल्प है। यह ऊर्जा देता है और स्वाद में भी लाजवाब होता है।
सामग्री:
- सिंघाड़े का आटा - 1 कप
- घी - 1/2 कप
- चीनी - 1/2 कप (स्वादानुसार कम या ज्यादा)
- पानी - 2 कप
- इलायची पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- कटे हुए मेवे (बादाम, काजू) - गार्निश के लिए
बनाने की विधि:
- एक कड़ाही में घी गरम करें। सिंघाड़े का आटा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें, जब तक कि आटा हल्का सुनहरा और खुशबूदार न हो जाए। इसमें लगभग 8-10 मिनट लगेंगे।
- दूसरे चूल्हे पर पानी और चीनी को एक साथ उबाल लें ताकि चीनी घुल जाए।
- भुने हुए आटे में धीरे-धीरे उबला हुआ चीनी-पानी का मिश्रण डालते जाएं और लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न पड़ें।
- आंच धीमी रखें और मिश्रण को गाढ़ा होने तक पकाएं, जब तक कि वह कड़ाही के किनारे न छोड़ने लगे।
- इलायची पाउडर डालकर मिलाएं।
- कटे हुए मेवों से गार्निश करके गरमागरम परोसें।
झटपट तैयार! एकादशी स्पेशल: नए फलाहारी पकवान
आजकल लोग पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ कुछ नए और आसान झटपट फलाहारी व्यंजनों को भी पसंद कर रहे हैं। ये व्यंजन कम समय में तैयार होते हैं और उतने ही स्वादिष्ट होते हैं।
1. फ्रूट चाट (Fruit Chaat)
यह सबसे आसान और स्वास्थ्यवर्धक एकादशी भोजन विधि में से एक है।
सामग्री:
- सेब - 1 (कटा हुआ)
- केला - 1 (कटा हुआ)
- अनार के दाने - 1/2 कप
- अंगूर - 1/2 कप
- संतरा - 1 (छोटा, कटा हुआ)
- नींबू का रस - 1 बड़ा चम्मच
- सेंधा नमक - 1/4 छोटा चम्मच
- काली मिर्च पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
- भुना जीरा पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
बनाने की विधि:
- सभी फलों को धोकर काट लें और एक बड़े कटोरे में डाल लें।
- ऊपर से नींबू का रस, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर और भुना जीरा पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- तुरंत परोसें ताकि फल ताजे रहें।
2. दही वाले आलू
यह एक मलाईदार और स्वादिष्ट सब्जी है जो मिनटों में तैयार हो जाती है। यह नए फलाहारी रेसिपी में से एक है।
सामग्री:
- उबले हुए आलू - 3-4 (क्यूब्स में कटे हुए)
- दही - 1 कप (फेंटा हुआ)
- हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई)
- घी - 1 बड़ा चम्मच
- जीरा - 1 छोटा चम्मच
- सेंधा नमक - स्वादानुसार
- काली मिर्च पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- हरा धनिया - बारीक कटा हुआ
बनाने की विधि:
- एक कड़ाही में घी गरम करें। जीरा डालकर तड़कने दें।
- हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें।
- कटे हुए उबले आलू डालकर 2-3 मिनट तक भूनें।
- गैस बंद कर दें और आलू को हल्का ठंडा होने दें।
- अब फेंटा हुआ दही, सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। ध्यान रहे कि दही डालते समय आलू बहुत गरम न हों, वरना दही फट सकता है।
- हरे धनिये से गार्निश करके परोसें। इसे साबूदाना वड़ा या कुट्टू की पूड़ी के साथ खाया जा सकता है।
3. मखाना नमकीन
यह एक हल्का और कुरकुरा स्नैक है, जो भूख लगने पर तुरंत तैयार किया जा सकता है।
सामग्री:
- मखाना - 2 कप
- घी - 1 बड़ा चम्मच
- सेंधा नमक - 1/2 छोटा चम्मच
- काली मिर्च पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
- मूंगफली - 1/4 कप (वैकल्पिक)
- कड़ी पत्ता - कुछ पत्ते (वैकल्पिक)
बनाने की विधि:
- एक कड़ाही में घी गरम करें।
- मखाना डालकर धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भूनें (लगभग 5-7 मिनट)। बीच-बीच में चलाते रहें।
- यदि मूंगफली डाल रहे हैं, तो मखाना के साथ ही डालकर भून लें।
- यदि कड़ी पत्ता डाल रहे हैं, तो मखाना भुन जाने के बाद डालकर कुछ सेकंड भूनें।
- गैस बंद कर दें और मखाना को एक कटोरे में निकाल लें।
- ऊपर से सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- हवा बंद डिब्बे में स्टोर करें।
4. पनीर भुर्जी (व्रत स्पेशल)
पनीर प्रोटीन से भरपूर होता है और व्रत के दौरान ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।
सामग्री:
- पनीर - 200 ग्राम (कद्दूकस किया हुआ)
- घी - 1 बड़ा चम्मच
- हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई)
- अदरक - 1 इंच (कद्दूकस किया हुआ)
- टमाटर - 1 छोटा (बारीक कटा हुआ, वैकल्पिक)
- सेंधा नमक - स्वादानुसार
- काली मिर्च पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- हरा धनिया - बारीक कटा हुआ
बनाने की विधि:
- एक कड़ाही में घी गरम करें। हरी मिर्च और अदरक डालकर कुछ सेकंड भूनें।
- यदि टमाटर डाल रहे हैं, तो उन्हें डालकर नरम होने तक पकाएं।
- कद्दूकस किया हुआ पनीर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर भूनें।
- हरे धनिये से गार्निश करके गरमागरम परोसें। इसे दही या मखाने के साथ खाया जा सकता है।
एकादशी फलाहारी पकवान बनाते समय कुछ खास सुझाव
इन एकादशी व्रत रेसिपी को बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो आपके पकवान और भी स्वादिष्ट और पौष्टिक बनेंगे:
- शुद्धता का ध्यान: व्रत का भोजन बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्हीं बर्तनों का उपयोग करें जिनमें सामान्य भोजन नहीं बनता है या उन्हें अच्छी तरह से धोकर उपयोग करें।
- कम तेल/घी का प्रयोग: फलाहारी व्यंजन आमतौर पर हल्के होते हैं। कम तेल या घी का उपयोग करें ताकि ये पचने में आसान रहें।
- ताजी सामग्री: हमेशा ताजे फल और सब्जियां उपयोग करें। सूखे मेवे और साबूदाना आदि की गुणवत्ता भी अच्छी होनी चाहिए।
- सेंधा नमक ही प्रयोग करें: व्रत के भोजन में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का ही उपयोग होता है।
- हाइड्रेटेड रहें: व्रत के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या फलों का जूस पीते रहें, खासकर अगर मौसम गरम हो।
- प्रयोग करें: अपनी पसंद के अनुसार फलों, सब्जियों और मसालों को मिलाकर नए-नए फलाहारी व्यंजन बना सकते हैं।
निष्कर्ष
एकादशी का व्रत हमारे जीवन में धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह न केवल भगवान के प्रति हमारी श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि शरीर और मन को शुद्ध करने का एक सुनहरा अवसर भी प्रदान करता है। इन स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक एकादशी फलाहारी पकवानों को अपनी एकादशी भोजन विधि में शामिल करके आप अपने व्रत को और भी सुखद और ऊर्जावान बना सकते हैं।
हमें उम्मीद है कि यह विस्तृत मार्गदर्शिका आपको अपनी अगली एकादशी के लिए प्रेरणा देगी। इन झटपट फलाहारी व्यंजनों को आजमाएं और अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें! जय श्री हरि!
```Frequently Asked Questions
Q: What is Ekadashi?
Ekadashi is a sacred day that comes every month in Hinduism, dedicated to Lord Vishnu. Devotees worship Lord Vishnu and observe a fast on this day.
Q: What is the significance and benefit of observing the Ekadashi fast?
Ekadashi fast is a symbol of religious faith, offering many physical and mental health benefits, including body purification and peace. It is believed to grant liberation from sins, fulfill wishes, and lead to salvation.
Q: How many Ekadashis occur in a year?
According to the Hindu calendar, there are two Ekadashis every month (one in Krishna Paksha and one in Shukla Paksha), totaling 24 Ekadashis in a year.
Q: What foods are prohibited during Ekadashi fast?
On Ekadashi, grains (wheat, rice, maize), pulses (chickpeas, arhar, moong), onion, garlic, common salt, regular spices, non-vegetarian food, and eggs are strictly forbidden.
Q: What foods are allowed for consumption during Ekadashi fast (Falahar)?
During Ekadashi, one can consume fruits, vegetables (potato, bottle gourd, pumpkin, spinach, tomato), milk and milk products (curd, paneer, buttermilk), dry fruits (almonds, walnuts, cashews), sago (sabudana), Kuttu flour, Singhara flour, Rajgira flour, and rock salt.
Q: Is drinking water allowed during Ekadashi fast?
Yes, one can consume water. However, during Nirjala Ekadashi, even water is prohibited.
Q: When is the Ekadashi fast broken (Paran)?
The Ekadashi fast is broken only on the next day (Dwadashi Tithi) after sunrise. Special attention should be given to the Paran Muhurat (auspicious time for breaking the fast).
Q: Who should be cautious or seek expert advice before observing the Ekadashi fast?
Pregnant women, young children, the elderly, and individuals suffering from serious illnesses should observe the fast according to their health condition or consult an expert. They can opt for Falahar or simplify the fast.
Q: What are the health benefits of consuming Falahar during Ekadashi?
Falahar during Ekadashi is not just a religious ritual but also beneficial for health. It aids in body detoxification by freeing the body from toxins and resting the digestive system by avoiding grains and consuming fruits and vegetables.
Q: What does 'Falahar' mean in the context of Ekadashi?
In the context of Ekadashi, 'Falahar' refers to a diet consisting of fruits, vegetables, milk products, dry fruits, and specific flours like Kuttu, Singhara, and Rajgira, while strictly avoiding grains and certain other foods.
Praarthana Editorial Team
The Praarthana Editorial Team shares daily spiritual guidance, authentic rituals, and deep insights from ancient Sanatan scriptures to support your spiritual journey.
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.










Post a comment