
विश्वकर्मा पूजा
इस पूजा के बारे में
विश्वकर्मा पूजा भगवान विश्वकर्मा को समर्पित एक पवित्र हिंदू अनुष्ठान है, जिन्हें देवताओं का दिव्य शिल्पकार एवं वास्तुकार माना जाता है। यह पूजा विशेष रूप से कारखानों, कार्यशालाओं, दुकानों, कार्यालयों, निर्माण स्थलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में की जाती है। यह अनुष्ठान कार्य में सफलता, व्यापार में उन्नति, मशीनों एवं उपकरणों की सुरक्षा तथा सुख-समृद्धि की कामना हेतु श्रद्धापूर्वक किया जाता है। पूजा विधि में संकल्प, गणेश पूजा, कलश स्थापना, भगवान विश्वकर्मा का पूजन, औजार एवं मशीनों का पूजन, विश्वकर्मा मंत्र जाप, पुष्प अर्पण, आरती, हवन, पूर्णाहुति एवं प्रसाद वितरण सम्मिलित है। पंडित जी पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार संपूर्ण पूजा कराते हैं।
पूजा सामग्री विवरण
भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या मूर्ति, कलश, नारियल, आम के पत्ते, रोली, कुमकुम, अक्षत, चंदन, फूल, माला, पान, सुपारी, फल, मिठाई, लाल या पीला वस्त्र, धूप, अगरबत्ती, कपूर, दीपक, घी, हवन सामग्री, औजार एवं मशीनों के पूजन हेतु आवश्यक सामग्री तथा अन्य आवश्यक पूजा सामग्री।
महत्वपूर्ण सूचना
पूजा की सटीक विधि, मंत्र जाप संख्या, सामग्री और अवधि प्रतिष्ठान की परंपरा, पूजा के उद्देश्य तथा पंडित जी के मार्गदर्शन के अनुसार भिन्न हो सकती है।






